बिहार की युवा चितेरी संजू दास बिहार की युवा चितेरी संजू दास का काम उल्लेखनीय है l मिथिला में जन्मी संजू के लिए चित्रकला कोई अजनबी चीज नहीं है l मधुबनी चित्रकला के स्पष्ट सन्दर्भ और प्रतीक आदि ( मिशाल के तौर पर मछली ) उनके चित्रों में पहचाने जा सकते हैं l यह एक अच्छी बात है कि संजू मधुबनी कि सुविख्यात सवेदना में अपने रंग रूपाकारों को कैद नहीं होने देती l संजू के पति रवींद्र दास आधुनिक कला में एक प्रशिक्षित चित्रकार हैं l जिस तरह से मनु पारेख ने गुजरात के ग्रामीण ग्रामीण जीवन में पली बढ़ी अपनी पत्नी माधवी पारेख पर आधुनिकता नहीं लादी है कुछ इसी तरह संजू के काम में भी लोककला से आत्मीय रिश्ता बनाने कि कोशिस देखी जा सकती है l उन्होंने अपने चित्रों में एक साधारण स्त्री के ग्रामीण और शहरी जीवन के सपनों को संजोये रखा है l पर उनके पास एक अपनी निजी फंतासी है रंगों का कुशल इ...